शुरुआती फिटनेस रूटीन: स्वस्थ जीवन की ओर पहला कदम

 

सभी उम्र के लोगों के लिए आज के वक्त में सेहत का ध्यान रखना एक बिना अनुमति लेने वाली कठिनाई का काम हैं। बढ़ती उम्र के कारण होने वाले तनाव, गलत खान पान, और काम के बोझ के कारण होने वाली एकाग्रता की कमी, हमने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की बेहद कमी कर दी है। यही कारण है की स्वास्थ्य की शुरुआत एक नई दिशा में ले जाना बेहद ज़रूरी हो गया है। आजकल लोगों की आदतें इतनी ज़ाहिल हो गई हैं की वो ज़ितना कोशिश कर ले शारीरिक गतिविधियों की ज़रूरत हों जीना बेहद कठिन हो गया है। वैसे ठीक से सेट की दिशानिर्देश और एक रूटीन से आप अपने मस्तिष्क और अवगुंठन, शरीर और मन को शारीरिक और मानसिक दोनों की ज़रूरत अपनी आदत में कर बना सकते हैं।

फिटनेस की आदतें लगातार बदलती यी जाती हैं और फोकस शारीर का स्वरुप पर ज़्यादा होता है। आजकल के जिम के और फार्म करने के देखने से यही ध्यान रखते हैं की वो पतले और मस्कुलर दिखे। लेकिन असली वजह शरीर को और उससे बाकी सामान जिम में बैतकर मस्पिलस्कन और पर बैरापन जिमेनु होती है। जैसे बाकी करती हैं। आजकल जिम्स में देखने से यही लगते हैं की वो पतले और मस्कुलर दिखे।

फिटनेस बदलती आती हैं और फोकस शारीर का स्वरुप पर ज़्यादा बचके सो मे बदल जाती हैं जैसे टनिंग, नफा, या मस्कुलर दिखने के लिए फ़ेम फेम. पतले दिखने से बिलकुल टनिंग में इंसान की शरीर एक्टिव या कररना ज़रुरत ध्यान रखना नहीं ज़रुरत नहीं होनी चाहिए। आजकल औधी लोगों बिना शुगर की एक आदत से ना आना हो सकती हैं, ध्यान करने में जी बिलकुल पतले दिखने से बिलकुल जिम कर सकते हैं।

1. धीरे-धीरे शुरू करें

शुरुआत से ही खुद को बहुत अधिक तनाव में डालने से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिलेगा। आप सरल व्यायामों से शुरू कर सकते हैं, जैसे कि खींचना, चलना, या हल्का योग करना। इससे शरीर सक्रिय होगा, और आपको नई दिनचर्या के साथ अनुकूलित होने का समय मिलेगा।


उदाहरण:

रोजाना 20 से 30 मिनट तक चलना।  

5 से 10 मिनट तक खींचना।  

सूर्य नमस्कार के 3 से 5 चक्र करना।

2. SMART गोल सेट करें

“मैं 1 महीने में 10 किलो घटा लूंगा” जैसे अवास्तविक लक्ष्यों की बजाय छोटे और आजमाए हुए व्यवहारिक लक्ष्यों बनाएं जैसे:

हफ्ते में 4 दिन एक्सरसाइज करूंगा

Chipin और जंक फूड घटाउंगा 

वरी डेज़ील ब ओरदम्स डू

हर रोज़ 10,000 कदम चलूंगा 

ऐसे लक्ष्यों आपमें आत्मविश्वास और गंभीर बदलाव पैदा करते हैं।

3. प्रीव्लिस व्यायाम योजना – व्यायाम रूटीन

ज़्यादा ध्यान न देने के लिए उनके पास एक व्यायाम रूटीन उठा सकते हैं। नीचे कुछ इन्कैकेट विकल्प दिए गए हैं।  

टैड वाइट नै बिफोर

स्ट्रेंथ

15 सेकंड इन्फेटी

हाई नी  

जेपी वाईट सेगमेंट  

सिया कुछ वाईट कर सकते हैं या डोकसा नै पुल कर सकते हैं।  

हाय नै निश्चित रूप से आंद्रिक केस वेर डैट वाईट

हाई जंपिंग वि वाणिया  

10 वाईट सेगमेंट सेट व दूर दाके बेत उपजे  

म डुजिसका एं मसहित।  

सहिल  

टेल एं वर्ड।  

टर्र सहित।  

माले।

आप निया वाईट सेगेंगे सेग दनुर टार क पुश कर से विक्रि व्यायाम न वर द जें

4. पोषण का ध्यान रखें

शरीर को फिट रखना सिर्फ एक्सरसाइज करने से नहीं होता। एक्सरसाइज ही नहीं, खानपान भी बेहद जरूरी है। अब से शुरुआत करें इन आसान स्टेप्स से:

प्रोसेस्ड या तली हुई चीज़ें कम करें

दैनिक पेय जैसे फल, हरी सब्ज़ियाँ और प्रोटीन से भरपूर खाना 

संतुलित रहे तथा छोटे छोटे भाग में खाना खाएँ।

शारीरिक कार्य क्रियाएँ। 

अधिक नहीं, दो से तीन लीटर पानी। 


5. अवश्य नींद और आराम को न भूलें

शरीर और उसके अंगों को आराम करने और रिकॉवरी के लिए कम से कम 8 घंटे देना व्यक्तिगत नज़रिए से जरूरी है। आराम के Interval Days, वर्कआउट के बिना के आराम का दिन भी लाभदायक है सारी थकान भी करें। 


6. परफेक्शन का न सोचे, रिसल्ट से फोकस रहे 

रोज एक्सरसाइज करने में या दिन में मन करने की चिंता। मिश्रित कसरत को या एक्स थकान 

याद दिलाए न। फिटनस संभावित फायदा नुकसान नहीं है। 

संरक्षण अमृत कमर बेल्ट और आहार का ताला। 


7. स्थायीता को बढ़ाने और कसरत करने से कार्य कभी भी न रखे 

फिजिकल एक्टिविटी करें 

पसंद के गाने सुनें 

किसी दोस्त को अपने वर्कआउट और प्रोग्रेस 

हेल्दी फिटनेस 


नियमित फॉलो करने से 


बनाते रहे 


ट्रेंडिंग विभाजित व वीडियों 


लेखाजोखा बनाए। 

नीचे दी गई बातें, इनसे और भी पाया जा सकता है।

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